GST रिटर्न फ़ाइलिंग — हर महीने, समय से पहले
GSTR-1, GSTR-3B और सालाना GSTR-9 — हर रिटर्न अपनी तारीख़ से पहले। हम हर महीने आपकी बिक्री, ख़रीद और ITC का मिलान करके रिटर्न फ़ाइल करते हैं, ताकि लेट फ़ीस और नोटिस से बचें।
किसे चाहिए
- हर GST-रजिस्टर्ड व्यवसाय — कोई बिक्री न हो, तब भी शून्य (nil) रिटर्न ज़रूरी है
- ₹5 करोड़ से ज़्यादा टर्नओवर वाले — हर महीने GSTR-1 (11 तारीख़) और GSTR-3B (20 तारीख़)
- ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले — QRMP योजना में तिमाही रिटर्न, टैक्स हर महीने
- कंपोज़िशन वाले व्यवसाय — तिमाही CMP-08 और सालाना GSTR-4
ज़रूरी दस्तावेज़
- महीने के सभी बिक्री बिल (B2B, B2C, निर्यात)
- ख़रीद बिल और सप्लायर के GSTIN
- डेबिट / क्रेडिट नोट
- GSTR-2B (पोर्टल से) और IMS में स्वीकार/अस्वीकार किए गए बिल
- रिवर्स चार्ज (RCM) वाली ख़रीद की जानकारी
- ई-वे बिल और ई-इनवॉइस (जहाँ लागू)
प्रक्रिया — कदम दर कदम
-
डेटा जमा
महीने की बिक्री और ख़रीद की जानकारी आप भेजते हैं।
-
मिलान
ख़रीद रजिस्टर का GSTR-2B और IMS से मिलान — गलत ITC पहले ही पकड़ में आ जाता है।
-
GSTR-1
बिक्री का रिटर्न तारीख़ से पहले दाख़िल। जुलाई 2025 से GSTR-3B की देनदारी GSTR-1 से आती है, इसलिए GSTR-1 सही होना ज़रूरी है।
-
GSTR-3B और भुगतान
टैक्स की गणना, आपकी मंज़ूरी, फिर भुगतान और रिटर्न दाख़िल।
-
सालाना GSTR-9
साल के अंत में वार्षिक रिटर्न, जहाँ लागू हो।
फ़ीस में क्या शामिल है
- मासिक या तिमाही GSTR-1 और GSTR-3B
- GSTR-2B / IMS मिलान
- तारीख़ों का कैलेंडर और WhatsApp रिमाइंडर
- लेट फ़ीस से बचाव पर नज़र
- सालाना GSTR-9 — अलग से कोटेशन पर
शून्य (Nil) ₹199/माह · बेसिक ₹299/माह · स्टैंडर्ड ₹599/माह · प्रो ₹999/माह · बिज़नेस — परामर्श पर। सालाना प्लान: 10 महीने के दाम में 12 महीने — शून्य ₹1,990 · बेसिक ₹2,990 · स्टैंडर्ड ₹5,990 · प्रो ₹9,990। सब पर 18% GST अलग। बेसिक: महीने में 10 इनवॉइस तक · स्टैंडर्ड: 11–50 · प्रो: 51–200 (टर्नओवर ₹50 लाख तक बेसिक/स्टैंडर्ड, ₹1 करोड़ तक प्रो)। इससे ऊपर — परामर्श पर बिज़नेस प्लान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिटर्न देर से भरने पर क्या होता है?
लेट फ़ीस लगती है — टैक्स वाले रिटर्न पर ₹50 प्रति दिन और शून्य रिटर्न पर ₹20 प्रति दिन, टर्नओवर के हिसाब से एक अधिकतम सीमा तक। देर से जमा टैक्स पर 18% सालाना ब्याज भी लगता है।
QRMP योजना क्या है?
₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले व्यवसाय तिमाही रिटर्न भर सकते हैं और टैक्स हर महीने जमा करते हैं। इससे साल के रिटर्न 25 से घटकर 9 रह जाते हैं।
IMS क्या है?
Invoice Management System — इसमें आप सप्लायर के बिल स्वीकार या अस्वीकार करते हैं, उसके बाद ही वे आपके GSTR-2B में ITC बनते हैं।
कोई बिक्री नहीं हुई तो भी रिटर्न भरना है?
हाँ। शून्य (nil) रिटर्न भी ज़रूरी है, वरना लेट फ़ीस लगती है और GSTIN रद्द भी हो सकता है।
अन्य सेवाएँ हिंदी में
पूरी तकनीकी जानकारी, कैलकुलेटर और उदाहरण अंग्रेज़ी पेज पर हैं। सभी 63 सेवाएँ यहाँ देखें।
शुरू करने के लिए बस एक संदेश भेजें
काम शुरू होने से पहले लिखित कोटेशन। पहली बातचीत मुफ़्त है।